Sunday, September 27, 2009

नाच-नचैय्या, हम हूँ ना

गउओं को क्यों खेत चराना
घास चरैय्या, हम हूँ ना !
सूरत-सूरत, बाना -बाना
रूप धरैय्या, हम हूँ ना !
चप्पू छोड़ो, कुछ मत सोचो
नाव खिवैय्या, हम हूँ ना !
क्या बस्ती-बस्ती स्वांग रचाना
रास रसैय्या हम हूँ ना !
लगा यहाँ है आना जाना
युग विचरैय्या, हम हूँ ना !
बनना, मिटना, रोना, गाना
नाच नचैय्या, हम हूँ ना!

3 comments:

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  2. Is that a Bhagvad Geeta sar?? :D:D

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  3. Yeah-sort of....A kind of Laloo Bhagwat!!

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